Submission 1610

मुझे अच्छा नहीं लगता।

Submitted By: Saanchi N Sharma

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मुझे अच्छा नहीं लगता। ये जुल्फें जब चूम लेती है चेहरे को तुम्हारे, सच कहूं.....मुझे अच्छा नहीं लगता। जब जब खनकने लगती है चूड़ियां तेरी कलाई से, मुझे अच्छा नहीं लगता। वो तेरी साड़ी का धीरे से तेरी कमर से लिपट जाना, मुझे अच्छा नही लगता । संगे मरमर से नाजुक पैरो पर यूं तेरी पायल का छनक जाना, मुझे अच्छा नहीं लगता। जी करता है अपनी बांहों के घेरे में, मैं तुमको छिपा कर रख लू, न लगे किसी की नजर तुमको, मैं निगाहों में बंद कर लूं, बस मेरा हक हो तुझ पर, मैं दिन रात तुझे देखता रहूं इस चेहरे को, कलाईयों को मैं हर पल निहारता रहूं नासमझ सा है दिल मेरा, तुम बस मेरी हो यही है कहता, जब कोई कर देता है तारीफ तुम्हारी सच कहूं ....मुझे अच्छा नहीं लगता।

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Reg ID: HF25-5063

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