Submission 2767

कॉलेज की ज़िंदगी

Submitted By: Taheerbasha D Mattur

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कॉलेज का पहला दिन, सपनों से भरा हुआ, हर चेहरा नया, पर दिल किसी से जुड़ा हुआ। क्लास से ज़्यादा कैंटीन का था असर, वहाँ की हँसी में मिलता था दिल को सफ़र। टीचर की बातें आधी समझ आतीं, बाकी तो दोस्तों की मीम में समा जातीं। कभी प्रॉक्सी, कभी बंक का बहाना, हर दिन लगता था जैसे कोई अफसाना। एग्ज़ाम की रातें, नोट्स उधार, फिर भी यारी का चलता रहा व्यापार। अब जब वो दिन याद आते हैं यार, दिल कहता है — "काश फिर होता वो कॉलेज का संसार।"

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Reg ID: HF25-5429

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