सपना
Submitted By: Dr Nisha Varma
----------------------------------
एक दिन सपने में देखा सब बदल गया है, रहता था जो आँसू इन आँखों में, आज वो भी छलक गया है. एक दिन सपने ने मुझसे पूछा, क्या मेरे साथ चलना है? संदिग्ध सी आंखें, शांत था मन, शायद मौन था उसका निमंत्रण. एक पल लगा चल दू उसके साथ, शायद फिर मिल जाए कोई नया हाथ, जब खुली थी नींद, तब आया था होश, ऐसा लगा जैसे सपना था बहुत मदहोश....
----------------------------------
Reg ID: HF25-5426
Please Note - You can vote only Once. If you have already voted - the voting will be disabled automatically by the system.